उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की मौत: विधानसभा के बाहर अखिलेश यादव ने दिया धरना, जानें क्या कहा

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आग के हवाले की गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता ने शुक्रवार देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। पीड़िता की मौत के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव धरने पर बैठ गए है। वो पीड़िता को इंसाफ दिलाने के यूपी विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे हैं। वहीं इस मामले में सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा ” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव पीड़िता के सन्दर्भ में कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, उसकी मौत अत्यंत दुखद है। उनके द्वारा परिवार के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त की गयी। सभी अपराधी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले को त्वरित अदालत में ले जाकर कड़ी सज़ा दिलाएंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि हैदराबाद की घटना के बाद से गुस्से में था। इसके बाद उन्नाव की घटना। उन्नाव में जो हुआ वो बीजेपी के शासन में यह पहली घटना नहीं है। वो बेटी बहुत बहादुर थी और उसकी आखिरी शब्द थे कि वो जिंदा रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि आज ये हमारे लिए काला दिवस है। एक बेटी को यूपी में न्याय पाने के लिए आत्मदाह करना पड़ा। उन्नाव की पीड़िता को इसलिए इंसाफ नहीं मिला क्योंकि आरोपी बीजेपी से हैं।

अस्पताल के ‘बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने बताया, ” हमारे पूरे प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शाम में उसकी हालत खराब होने लगी। रात 11 बजकर 10 मिनट पर उसे दिल का दौरा पड़ा। हमने बचाने की कोशिश की लेकिन रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसकी मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के फोरेंसिक विभाग को सौंप दिया गया है। इसके बाद उसका शव उसके परिवार को सौंप दिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को जिंदा जलाए जाने के बाद बलात्कार पीड़िता को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। वह 90 प्रतिशत तक जल चुकी थी। दिल्ली यातायात पुलिस ने पीड़िता को हवाई अड्डे से सफदरजंग अस्पताल तक ले जाने के लिए ग्रीन कॉरीडोर बनाया था। उसे लखनऊ से दिल्ली एयर एम्बुलेंस के जरिए लाया गया था। इससे पहले दिन में डॉ. कुमार ने कहा था कि मरीज की हालत बहुत गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। उन्होंने बताया था कि पीड़िता के महत्वपूर्ण अंग ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा था, ” हमने मरीज के लिए अलग आईसीयू कक्ष बनाया है। चिकित्सकों का एक दल उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहा है। पीड़िता ने एसडीएम दयाशंकर पाठक के सामने दिए बयान में बताया था कि वह मामले की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी। जब वह गौरा मोड़ के पास पहुंची थी तभी पहले से मौजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी और बलात्कार के आरोपी शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने उस पर हमला कर दिया और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिवम और शुभम त्रिवेदी ने दिसंबर 2018 में उसे अगवा कर उससे बलात्कार किया था। हालांकि इस संबंध में प्राथमिकी मार्च में दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार पीड़िता अधजली अवस्‍था में काफी दूर तक दौड़ कर आयी। प्रत्‍यक्षदर्शियों ने जब उसे देखा तो पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को पहले सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भेजा जहां से उसे जिला अस्‍पताल रेफर किया गया। बाद में जिला अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था, जहां से उसे दिल्ली लाया गया।

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