पब्लिक पॉलिसी मेकिंग में है रुचि तो आपके लिए है ISPP का यह लेक्चर सीरीज

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दी इंडियन स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी (ISPP) ने “प्रैक्टिशनर्स अप्रोच टू पब्लिक पॉलिसी” विषय पर लेक्चर सीरीज की शुरुआत की है। इस विषय पर अपनी तरह की यह पहली लेक्चर सीरीज है। इस लेक्चर सीरीज के तीन पार्ट्स हैं। इस लेक्चर सीरीज में ‘पब्लिक पॉलिसी प्रोफेशनल्स की भूमिका’ और  इंडस्ट्री, रिसर्च, गवर्नमेंट्स और मीडिया में इन प्रोफेशनल्स के लिए करियर की संभावना आदि विषय कवर होता है।

इस लेक्चर सेशन में आर्ट ऑफ पॉलिसी मेकिंग, पॉलिसी के मुद्दों पर प्रैक्टिशनर्स को अप-टू-डेट रखना और स्टेकहोल्डर्स के सोचने के तरीके को समझने की बारिकियां भी बताई जाती हैं। इस लेक्चर सेशन में एडवोकेसी टूल्स, नैरेटिव बिल्डिंग, मीडिया और थर्ड पार्टी एडवोकेसी के साथ ही कई बहुत सारे केस स्टडीज के बारे में भी बताया जाता है। छात्रों को रियल लाइफ इग्ज़ैम्पल्स से रूबरू कराया जाता है।

छात्रों को आधुनिक समय में पॉलिसी मेकिंग की चुनौतियों को समझाने के लिए एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन भी किया जाता है। इस वर्कशॉप का आयोजन Indiatech.org के सीईओ रमीश कैलासम की ओर से किया जाता है। कैलासम एक जाने माने पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट भी हैं। Indiatech.org भारतीय स्टार्ट-अप्स की दुनिया में एक उभरता हुआ नाम है जो पॉलिसी मेकिंग के मुद्दों पर रिसर्च करता है।

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Indiatech.org से पहले रमीश कैलासम एप्को वर्ल्डवाइड (APCO Worldwide) के मैनेजिंग डायरेक्टर, आईबीएम (IBM), अप्लाइड मैटेरियल्स (Applied Materials), ऑरेकल (Oracle) और सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (Center for Good Governance) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

आईएसपीपी के साथ एक पब्लिक पॉलिसी स्कॉलर के रूप में जुड़े राहुल मेनन इस लेक्चर सीरीज के बारे में अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहते हैं, ‘मिस्टर कैलासम द्वारा संचालित इस तीन पार्ट वाले लेक्चर सीरीज से समकालीन भारतीय पॉलिसी से जुड़े मुद्दों के बारे में बेतहरीन समझ जगती है। कॉरपोरेट फर्म्स और सरकारी संस्थाओं से संबंधित कुछ केस स्टडीज से हमारे बैच को भारत के दो बड़े क्षेत्रों की पॉलिसी मेकिंग के बारे में समझ जगी।’

आईएसपीपी के साथ जुड़े एक अन्य स्कॉलर तुषार मेशराम ने कहा, ‘लेक्चर सीरीज के दौरान जो सीख मुझे मिली उसमें एडवोकेसी के मूल और भेद को समझना सबसे खास रहा। एडवोकेसी एक कठिन सौदा है और आपको दूसरे पक्ष की मोलभाव की क्षमता के बारे में जागरूक रहना होता है। बातचीत इस तरह से होनी चाहिए कि किसी का व्यक्तिगत वरीयता इसके आड़े न आए। इस लेक्चर सीरीज से एक पॉलिसी प्रोफेशनल की कुशलता निश्चित रूप से और निखरकर सामने आएगी।’

दी इंडियन स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी, फाउंडेशन फॉर रिइंवेंटिंग गवर्नेंस की ओर से शुरू किया गया एक उपक्रम है जिसे भारत के कई बड़े उद्यमियों, नौकरशाहों और शिक्षाविदों का सहयोग प्राप्त है। दी इंडियन स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के फाउंडर डीन हैं डा. शुभाशीष गंगोपाद्याय। ऐकडेमिक एडवाइजरी काउंसिर के चेयरमैन हैं डा. विजय केलकर। यह संस्था पॉलिसी मेकिेंग में एक वर्षीय सर्टिफिकेट प्रोग्राम चलाती है। इस सर्टिफिकेट प्रोग्राम को इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे छात्रों में सरकार, इंडस्ट्री और सिवित सोसाइटी से जुड़े पॉलिसी मेकिंग के संबंध में अच्छी समझ वि​कसित की जा सके।

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