जब भारतीय नौसेना ने अरब सागर में खदेड़ा था चीनी जहाज को, जानें क्या है पूरा मामला

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दिल्ली में नौसेना दिवस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने बताया कि भारतीय नौसेना ने अपने विभिन्न अभियानों के दौरान 44 समुद्री डकैती के प्रयासों को विफल कर दिया और 120 समुद्री लुटेरों को पकड़ लिया। जब उनसे पूछा गया कि चीनी जहाज शि यान 1 को भारतीय जल छोड़ने के लिए क्यों कहा गया था। तो उन्होंने कहा कि हमारा रुख यह है कि यदि आपको हमारे विशेष आर्थिक क्षेत्र में काम करना है, तो आपको हमारी अनुमति लेनी होगी।

उत्तर-अरब सागर में चीन-पाकिस्तान नौसेना अभ्यास पर नौसेना प्रमुख ने कहा कि चीन और पाकिस्तान एक अभ्यास आयोजित करने वाले हैं और इस अभ्यास में भाग लेने के लिए उनके जहाजों को हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में प्रवेश करना होगा।

नौसेना प्रमुख ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी रक्षा और सुरक्षा रख रहे हैं कि आतंकवादी समूहों (जैसे कि अलकायदा) से खतरे को कम किया जाए। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि तटरक्षक और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ नौसेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि रक्षा बजट में नौसेना की हिस्सेदारी में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। 2012 में 18 प्रतिशत से यह 2018 में 12 प्रतिशत पर आ गया है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की उपस्थिति बढ़ रही है और हम इसे लगातार देख रहे हैं।

रक्षा बजट में नौसेना की हिस्सेदारी में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। 2012 में 18 प्रतिशत से यह 2018 में 12 प्रतिशत पर आ गया है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की उपस्थिति बढ़ रही है और हम इसे लगातार देख रहे हैं। नौसेना की योजना लंबी अवधि में बेड़े में तीन विमान वाहक पोत रखने की है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना के 50 युद्धपोत और पनडुब्बियां निर्माणाधीन हैं, जिनमें से 48 भारतीय शिपयार्ड में हैं।

उन्होंने कहा कि नेवी चीफ के रूप में मुझे विश्वास है कि देश को तीन एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत है ताकि दो हर समय चालू रहें। हमें लगता है कि यह विद्युत चुम्बकीय प्रणोदन के साथ 65,000 टन होना चाहिए।

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