सीएम योगी आदित्यनाथ आज करेंगे मुंडेरवा चीनी मिल का शुभारंभ

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मुंडेरवा चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 12 बजे करेंगे। इसी के साथ करीब दो दशक से बंद मिल में चीनी बननी शुरू हो जाएगी। बिजली का उत्पादन भी होने लगेगा। इस दौरान गन्ना मंत्री सुरेश राणा सहित चीनी निगम के उच्च अधिकारी मौजूद रहेंगे।

1932 में स्थापित चीनी मिल को 1998 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने अपरिहार्य कारणों से बंद कर दिया। करोड़ों रुपए बकाया भुगतान और मिल को फिर से चलाने के लिए व्यापक आंदोलन, धरना-प्रदर्शन हुआ। 12 दिसंबर 2002 को आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाए जाने के चलते तीन किसानों की मौत हो गई। भाकियू के साथ ही क्षेत्रीय लोगों ने तीनों को शहीद का दर्जा दिया। आज भी मुंडेरवा तिराहे पर स्थापित तीनों मृतकों की मूर्ति किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है।

इधर मार्च 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और मुख्यमंत्री पद संभालते ही योगी आदित्यानाथ ने पहली केबिनेट बैठक में बंद पड़ी मुंडेरवा चीनी मिल के पुनर्निमाण के लिए 385 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दिया था। मार्च 2018 में लेटेस्ट टेक्नॉलोजी से बनने वाली मिल का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया और फरवरी 2019 में निर्माण का मुआयना भी किया।

अब पूर्ण रूप से चलने को तैयार मुंडेरवा चीनी मिल का गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकार्पण के साथ ही पेराई सत्र का उद्घाटन करेंगे। मिल में रोजाना करीब 50 हजार टीडीसी गन्ने की पेराई होगी तो 27 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से करीब 8500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

एक नजर में मुण्डेरवा चीनी मिल

  • 1932 में माधो महेश शुगर मिल प्रा. लि. मुण्डेरवा की सात एकड़ में स्थापना हुई।
  • 1984 में को उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने अधिगृहीत कर लिया।
  • 1989 में मिल को विस्तार देने के लिए अगल-बगल के जमीनों का अधिग्रहण हुआ।
  • 1998 में तत्कालीन सरकार मिल के घाटे में चलने के चलते ने बन्द कर दिया।
  • 2017 में मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने मिल के पुन: चलाने की घोषणा की।

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