पीएमसी बैंक घोटाला: रिकवरी के लिए बिक्री योग्य

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रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि घोटाला प्रभावित पीएमसी बैंक की स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है और बैंक का फॉरेंसिक ऑडिट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एक एजेंसी को मौद्रीकरण प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर पहुंची बैंक की संपत्तियों के मूल्य का आकलन करने के लिए नियुक्त किया गया है। केंद्रीय बैंक ने पीएमसी बैंक के फंसे कर्ज की जानकारी होने के बाद 23 सितंबर को बैंक खातों से निकासी सीमा तय करने सहित कई तरह की पाबंदियां लगा दी थीं। पीएमसी बैंक में 4,335 करोड़ रूपए की अनियमितताएं सामने आने के बाद आरबीआई ने निकासी की सीमा तय करने समेत अन्य प्रतिबंध लगाए थे।

वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक के बाद दास ने संवाददाताओं को बताया, ‘रिजर्व बैंक पीएमसी बैंक की स्थिति की कड़ी निगरानी कर रहा है। हमने विभिन्न जांच एजेंसियों के साथ चर्चा की है और चर्चा जारी है। अभी दो चीजें चल रही हैं। पीएमसी बैंक मामले में फॉरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया गया था और यह अभी चल रहा है। दूसरी चीज, पीएमसी बैंक के पास गारंटी के तौर पर रखी गयी संपत्तियों से कितनी राशि जुटायी जा सकती है, इसका भी आकलन किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि ये संपत्तियां महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों तथा अन्य राज्यों में हैं।

दास ने कहा, ‘मूल्यांकन का काम जारी है, फॉरेंसिक ऑडिट भी जारी है। हमने विभिन्न एजेंसियों से उन संपत्तियों के बारे में चर्चा की है, जिनकी उन्होंने पहचान की है। अत: इनके आधार पर रिजर्व बैंक पीएमसी बैंक के संबंध में आने वाले समय में निर्णय लेगा।’ रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैंक के ग्राहकों को कुछ राहत देते हुए खाते से निकासी की सीमा को बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया। यह चौथी बार है जब रिजर्व बैंक ने पीएमसी के ग्राहकों के लिए प्रति खाता निकासी की सीमा बढ़ाई है। इस मामले में पुलिस ने एचडीआईएल के प्रवर्तकों राकेश वाधवान और सारंग वाधवान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि घोटाला सामने आने के बाद पीएमसी के कम से कम 10 खाताधारकों की विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है।

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