झुकने और टेढ़े होने से भी टूट सकती हैं हड्डियां, बचाव के ये हैं उपाय

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ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों पर ध्यान न देना बेहद खतरनाक हो सकता है। लंबे समय से इस बीमारी से पीड़ित एक 62 वर्षीय महिला की रास्ते में लड़खड़ाने से कूल्हे की हड्डी टूट गई। डॉक्टरों का कहना है कि ऑस्टियोपोरोसिस में स्थिति इस कदर बिगड़ सकती है कि हल्के से टेढ़े होने से भी लोगों की हड्डियां टूट सकती हैं।

शकुंतला पूर्वी दिल्ली में रहती हैं। वह शाम को बाजार जा रही थीं। रास्ते में पत्थर से ठोकर लगी और सामने से आ रही मोटर साइकिल से बचने के दौरान वह लड़खड़ा कर गिर गईं। वह हाथ के बल जमीन पर गिरी थीं, लेकिन इसके बाद उनसे उठा नहीं गया। वह दर्द से कराहने लगीं। उनके बेटे ने तुरंत उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुमेध संदानशिवन ने बताया कि एक्सरे में महिला की कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। उन्होंने महिला से हिस्ट्री जानने का प्रयास किया तो हड्डी कमजोर होने की कोई खास वजह नहीं दिखी।

जांच कराने पर मामला सामने आया :  इसके बाद डेक्सा स्कैन कराया गया तो पता चला कि महिला ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित है। इस वजह से उसकी हड्डियां इतनी कमजोर हो गईं कि हल्का सा गिरने पर भी कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया।

यह आहार लें : डॉक्टरों का कहना है कि लोग हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए पनीर, रागी, पत्तेदार सब्जियां, बादाम, दूध, टमाटर, अंजीर, ब्रोकली, तिल, दही, संतरा, आंवला, सोयाबीन आदि ले सकते हैं। आहार में मैग्नीशियम का भी ध्यान रखें। इसके लिए सोयाबीन, कद्दू, दही, मछली, केला, बादाम, स्ट्रॉबेरी, पालक, काजू आदि लें।

ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण
-शरीर में लगातार थकावट
– हाथ और पांव में दर्द रहना
-कमर में दर्द की शिकायत
-हल्की चोट पर हड्डियों का टूटना
-काम की इच्छा न करना

सावधानी
-खाने में कैल्शियम और प्रोटीन युक्त पदार्थों को शामिल करें।
-हर रोज कम से कम 15-20 मिनट धूप में जरूर बैठें।
-हर रोज कम से कम 45 मिनट व्यायाम करें या खेलें।
-धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
-उम्र 40 पार है और हल्की चोट पर फ्रैक्चर होने पर बोन डेंसिटी टेस्ट करवाएं

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