ताजमहल पर गायत्री मंत्र के मंत्रोच्चार की गूंज,पुलिस महकमे में हड़कंप

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पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से आए बच्चों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। ताजमहल पश्चिमी गेट से 50 मीटर आगे बच्चों ने तेज आवाजा में गायत्री मंत्र का उच्चारण शुरू कर दिया। पर्यटन पुलिस के सिपाहियों ने बच्चों को शांत कराया। पुलिस के मुताबिक बच्चों को जानकारी नहीं थी। उन्हें जैसे ही ज्ञात हुआ कि ये सब प्रतिबंध है तो वे चुप हो गए।

सोमवार दोपहर बच्चों का एक दल ताजमहल आया। पुलिस के मुताबिक बच्चे योग पीठ में रहकर पढ़ाई करते थे। ताजमहल देखने के बाद वे पश्चिमी गेट के टिकट काउंटर से सटी लाइन में बैठ गए। यहां उन्होंने तेज-तेज गायत्री मंत्र का उच्चारण शुरू कर दिया। मौके पर खड़े पर्यटन पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें रोका। पुलिस ने बच्चों को बताया कि इस प्रकार की सभी गतिविधियां ताजमहल परिसर में प्रतिबंधित हैं। पुलिस के मुताबिक बच्चों को इसकी जानकारी नहीं थी।

दुनिया के सात अजूबों में ताजमहल का टिकट सबसे सस्ता

दुनिया के सात अजूबों की नई सूची को देखें तो उसमें शामिल ताजमहल की टिकट सबसे सस्ती है। ग्रेट वाल ऑफ चाइना की टिकट सबसे महंगी है। इसके अलावा अन्य स्मारकों की भी टिकट भी ताज से महंगी है। विश्व के अन्य छह अजूबों की टिकट अगर महंगी हैं, तो वहां सुविधाएं भी उतनी ज्यादा हैं। लेकिन ताजमहल पर टिकट अन्य स्मारकों की अपेक्षा सस्ती जरूर है, लेकिन पर्यटकों को सुविधाओं के नाम पर देने के लिए कुछ भी नहीं है।

पिछले साल पुरातत्व विभाग ने ताजमहल की टिकट दरों में बढ़ोत्तरी की थी। तब ताज में एंट्री करने पर विदेशियों के लिए 1100 और उनके मुख्य गुंबद पर जाने पर 1300 की टिकट दर कर दी थी। इसी तरह भारतीय पर्यटकों के प्रवेश करने पर 50 रुपये और मुख्य गुंबद पर जाने के 250 रुपये तय किए गए थे।

अब पथकर के रूप में शुल्क वसूलने वाले एडीए ने विदेशियों के शुल्क में 100 रुपये और भारतीय सैलानियों के शुल्क में 30 रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी है। यानी प्रवेश करने पर विदेशियों को 1200 रुपये देने होंगे। ये प्रवेश दर दुनिया के सात अजूबों में सबसे कम है। हालांकि ताज पर पर्यटकों को सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जाता। विदेशी सैलानियों को जरूर शूकवर दिए जाते हैं।

हालांकि पहले उन्हें पानी की बोतल भी मिलती थी, लेकिन अब प्रतिबंध लगने के बाद इसे भी देना बंद कर दिया गया है। पथकर का शुल्क भले ही एडीए लेता हो, लेकिन ताजमहल जाने वाले मार्ग की हालत काफी खराब है। इतना ही नहीं कहीं भी साइनेज बोर्ड तक नहीं लगे हैं। रास्ते में पर्यटन सूचना केंद्र तक नहीं हैं।

अन्य छह अजूबों की इतनी है टिकट

ग्रेट वॉल ऑफ चाइना (चीन)
चीन की यह दीवार ग्रेट वॉल ऑफ चाइना सात अजूबों में से एक है। इसकी टिकट 8000 रुपये है। यहां तक जाने के लिए परिवहन व्यवस्था भी इसी टिकट में शामिल है।

पेट्रा (जॉर्डन) 
इस अजूबे को निहारने के लिए 4672 रुपये खर्च करके दिन भर घूमा जा सकता है। जिसमें स्थानीय परिवहन भी शामिल है।

काइस्ट द रिडीमर (ब्राजील)
ब्राजील में काइस्ट द रिडीमर भी सात अजूबों की सूची में शामिल है, इसकी टिकट 2947 रुपये की है। वहीं यहां अलग-अलग कैटेगरी की टिकट में पहाड़ी तक ऊपर जाने के लिए ट्रेन का श्रेणी के अनुसार किराया शामिल है।

माचू पिच (पेरू)
यहां की टिकट 2816 रुपये की है। यहां होने वाले आयोजनों में शामिल होने के लिए सैलानियों से कोई अलग से खर्च नहीं लिया जाता है।

चिचेन इत्जा (मैक्सिको)
यहां की टिकट भी ताजमहल से ज्यादा है। इसकी टिकट की कीमत 1472 रुपये है। साफ-सफाई आर यहां की सड़कें लाजवाब हैं।

द रोमन कोलोसियम (रोम)
इसकी टिकट 1275 रुपये की है। यहां होने वाले कार्यक्रमों की टिकट भी इसी में शामिल होती है। अलग से कुछ नहीं लिया जाता है।

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