भिखारी की झोपड़ी से निकले इतने सिक्के, गिनने में लगे आठ घंटे

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भीख देने वाले से ज्यादा भीख मांगने वाले की हैसियत हो सकती है। लेबनान देश में एक भिखारी के पास करीब साढ़े छह करोड़ रुपये मिलने की खबर के बाद अब सोशल मीडिया में मुंबई के एक मृत भिखारी की चर्चा हो रही है। इस भिखारी की झोपड़ी से 1.75 लाख रुपये सिक्के और नोट के रूप में मिले जिन्हें गिनने में आठ घंटे लग गए।
भिखारी के नाम 8.77 लाख रुपये की सावधि जमा (फिक्स डिपोजिट) का प्रमाण पत्र भी मिला।

इसके अलावा उसके बैंक खाते में 96 हजार रुपये हैं। सिक्के प्लास्टिक के थैले में रखे हुए थे और उन्हें एक बैरल में रखे चार कंटेनरों के अंदर छिपा रखा था।  मुंबई में गोवंडी रेलवे स्टेशन पर एक भिखारी की लोकल ट्रेन की टक्कर से गत शुक्रवार को मौत हो गई थी। रेलवे पुलिस (जीआरपी) जब परिजनों की तलाश में एक नाले के किनारे भिखारी की झोपड़ी में पहुंची तो उनके होश उड़ गए। रेलवे पुलिस को झोपड़ी में पैसों से भरी बोरियां और थैले मिले जिसमें लगभग 1.75 लाख रुपये के बराबर सिक्के और नोट थे।

भिखारी की पहचान 82 वर्षीय बिरदी चंद आजाद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आजाद मुंबई की लोकल ट्रेन में भीख मांगता था। झोपड़ी से उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और सीनियर सिटिजन कार्ड मिला है,जिसपर राजस्थान का पता लिखा हुआ है। आजाद ने एफडी में नॉमिनी अपने बेटे सुखदेव को बनाया हुआ है जो राजस्थान के रामगढ़ का रहने वाला है।

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