सीएम योगी ने की महानिशा पूजा, सात्विक पंचबलि दे हवन किया

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शनिवार की शाम गोरखनाथ मंदिर के मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में शाम 4 बजे से ही अनुष्ठान शुरू हो गया।  6 बजे के करीब योगी आदित्यनाथ भी अनुष्ठान में शामिल हुए। अनुष्ठान का यह क्रम रात 8.30 बजे तक संचालित हुआ। नाथ परम्परा के अनुसार हवन अष्टमी में सायं के समय होता है इसलिए शनिवार की शाम अष्टमी लगने के कारण गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गौरी गणेश पूजन, वरूण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, स्थापित माँ दुर्गा का विधिवत् पूजन, भगवान राम-लक्ष्मण-सीता का षोडसोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादस ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, वटुक भैरव, काल भैरव, त्रिशूल पर्वत पूजन किया। दुर्गा सप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ पूजन का अनुष्ठान संपंन हुआ।

हवन, पूजन एवं पाठ का सम्पूर्ण कार्यक्रम मठ पुरोहित पंडित रामानुज त्रिपाठी की अगुवाई में डॉ अरविन्द कुमार चतुर्वेदी, डॉ रोहित कुमार मिश्र, पुरूषोत्तम चैबे, डॉ दिग्विजय शुक्ल, बृजेश मणि मिश्र, श्री गोरक्षनाथ विद्यापीठ के आचार्य, वेद पाठी छात्रों ने संपंक कराया।
महानिशा पूजन के दौरान प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महन्त रविन्द्र दास, महापौर सीताराम जायसवाल, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, डॉ धर्मेंद्र सिंह, राहुल श्रीवास्तव, जर्नादन तिवारी, व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन, अजय सिंह गौतम, विश्वजीताशु सिंह, डॉ सत्येंद्र सिंहा, प्रदीप शुक्ला, अरूणेश शाही, अवधेश सिंह, लालजी सिंह,तलवार सिंह, प्रदीप श्रीवास्तव, द्वारिका तिवारी, दुर्गेश बजाज, विनय गौतम, दिव्य कुमार, बीरेंद्र सिंह, दीपक सिंह, अमित सिंह, आनंद गुप्ता समेत अन्य उपस्थित रहे।

श्रद्धा के साथ संपंन हुआ हवन


शाम 7 बजे के करीब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदी पर उगे जौ के पौधे को वैदिक मंत्रों के बीच काटा। उसके बाद हवन वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया गया। इसके बाद दुर्गा सप्तशती के सम्पूर्ण पाठ के साथ हवन संपंन हुआ।

ऐसे किया अनुष्ठान
योगी ने बलि के रूप में नारियल, गन्ना, केला, जायफर आदि का सात्विक पंच बलि दी। उसके बाद शक्ति अराधना के इस अनुष्ठान को संपंन किया। आखिर में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित हुआ।

योगी कमलनाथ ने की मॉ कालरात्रि की पूजा


शनिवार की सुबह श्रीगोरखनाथ मन्दिर के शक्ति मंदिर में सप्तमी तिथि पर माँ कालरात्रि का पूजन मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने विधि विधान से संपंक किया। सर्वप्रथम श्रीनाथ जी की 4 बजे मुख्य मंदिर में पूजा हुई, उसके बाद शक्ति मंदिर में मॉ कालरात्रि की पूजा की गई।

‘‘शारदीय नवरात्र शक्ति संग्रह का महापर्व है। इस नवरात्र में विधि पूर्वक महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती के समष्ठी रूप, अष्टभुजा दुर्गा के प्रत्यक्ष रूप से विधि पूर्वक पूजन करने का विधान शास्त्रों में बताया गया है। महाष्टमी को महानिशा पूजा एवं सात्विक पंचबलि से शारीरिक एवं मानसिक क्लेश दूर होते है। शक्ति संचय के साथ यश एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति भी होती है।’’

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