रेसिपी : नाश्ते में बनाएं कर्नाटक का पोनसा पोलो यानी कटहल का डोसा

0Shares

कटहल का डोसा! सुनने में अजीब लग सकता है, पर कर्नाटक में यह बहुत चाव से खाया जाता है। कटहल कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों की एक मुख्य फसल है। सब्जी के अलावा इससे और भी कई व्यंजन बनाए जा सकते हैं। पोनसा पोलो कटहल से बना ऐसा ही एक अनोखा डोसा है। यह मीठा होता है। इसे कर्नाटक में सुबह या शाम के समय नाश्ते के रूप में खाया जाता है। कोंकण क्षेत्र में पोनसा का अर्थ पका हुआ कटहल और पोलो मतलब डोसा होता है। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी

सामग्री :
चावल:  1 कप
पका हुआ कटहल (कटा हुआ): 1 कप
गुड़: स्वादानुसार
इलायची: 2
कसा हुआ नारियल:
2 बड़े चम्मच
नमक: एक चुटकी

विधि : 
– कटहल की मिठास और आप कितना मीठा खाना चाहते हैं, इस आधार पर गुड़ मिलाइए। मैंने जिस कटहल का इस्तेमाल किया, वह हल्का मीठा था, इसलिए मैंने ज्यादा गुड़ (लगभग 1/3 कप) लिया।
– चावल को धोकर 1-2 घंटे के लिए भिगो दें।
– कटहल के बीजों को हटा कर उसे काट लें।
– अब भिगोए हुए चावल को पानी से निकालें और उसमें कटा हुआ कटहल, गुड़, इलायची के दाने और नमक मिलाएं। (आप इसी समय इसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल भी डाल सकते हैं)।
– फिर बिना पानी मिलाए इसे पीसकर बारीक पेस्ट बना लें। डोसा बनाने से पहले घोल की मिठास चख लें। ज्यादा मीठा चाहिए तो इसमें और गुड़ मिला लें।
– अब इस घोल को एक बड़े कटोरे में डालें। मैं कद्दूकस किया नारियल इस समय मिलाती हूं। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालें, जब तक कि घोल गाढ़ा व एकसार गिरने वाला न बन जाए। घोल को तुरंत इस्तेमाल करना चाहिए। अगर बाद में इस्तेमाल करना है, तो इसे फ्रिज में रख दें। अब मध्यम आंच पर तवा गर्म करें।
– गर्म तवे पर डोसे का थोड़ा घोल फैलाएं। (ये डोसे आमतौर पर थोड़े मोटे और नर्म होते हैं और उन्हें धीमी आंच पर सेंका जाता है। जब डोसे का निचला हिस्सा सुनहरा भूरा हो जाए ,तब उसे पलटें और दूसरी तरफ से भी सेंकें।

46total visits,2visits today

952427total sites visits.
Hello
Can We Help You?
Powered by