शिमला लोकसभा सीट : भाजपा के सामने होगी शिमला सीट बचाने की चुनौती

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लोकसभा चुनाव 2019 में हिमाचल प्रदेश की शिमला लोकसभा सीट पर इस बार भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस के बीच ही मुकाबला है। 1967 से ही शिमला लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए सुक्षित है और इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा के प्रत्याशी वीरेंद्र कश्यप ने कांग्रेस प्रत्याशी मोहन लाल बराकटा को 84,187 वोटों से हराया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से 7 उम्मीदवार मैदान में थे।

तीन जिलों शिमला, सिरमौर और सोलन तक फैली शिमला लोकसभा सीट के अंतर्गत 17 विधानसभा सीटें :- अर्की, नालागढ़, दून, सोलन, कसौली, पच्‍छाद, नाहन, श्री रेणुकाजी, पांवटा साहिब, शिलाई, चौपाल, ठियोग, कासुम्प्टी, शिमला, शिमला ग्रामीण, जुब्बल-कोटखाई और रोहड़ू आती हैं।

यहां से एक बार कांग्रेस की तरफ से पुराने चेहरे डॉ. धनीराम शांडिल और भाजपा से सुरेश कश्यप चुनाव मैदान में हैं। हिमाचल में सभी चारों लोकसभी सीटों के लिए आगामी 19 मई को लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में वोट डाले जाएंगे।

शिमला लोकसभा सीट पर अब तक हुए 12 आम चुनावों में से 8 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। 2009 में पहली बार इस सीट पर भाजपा का खाता खुला था और वीरेंद्र कश्यप जीते थे, 2014 में भी वीरेंद्र कश्यप ने जीत दर्ज की।

2014 के लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो शिमला लोकसभा सीट से भाजपा के वीरेंद्र कश्यप दूसरी बार सांसद बने थे। उन्होंने कांग्रेस के मोहन लाल बराकटा को 84 हजार से अधिक वोटों से हराया था। आम आदमी पार्टी यहां तीसरे नंबर पर पर रही थी।

2014 लोकसभा चुनाव में शिमला लोकसभा सीट की स्थिति

वीरेंद्र कश्यप (भाजपा) : 3,85,973 वोट

मोहन लाल बराकटा  (कांग्रेस) : 3,01,786

सुभाष चंद्र (आप) : 14,233

नोटा               : 7788

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